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बिन्दु क्रमांक 3 कार्यालयीन फाइल संचालन एवं निर्णय प्रक्रिया विधि (क) प्रत्येक कार्यवाही योग्य फाइल संबंधित शाखा प्रभारी द्वारा संबंधित निदेशक/ सचिव/ अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाती है, जिस पर संबंधित अधिकारी प्रभारी द्वारा आवश्यक निर्देश दिये जाते हैं तदनुसार संबंधित शाखा द्वारा फाइल की विषयवस्तु के आधार पर तथ्य संकलन किये एवं सार संक्षेप तैयार किया जाता है इसके पश्चात संबंधित शाखा प्रभारी द्वारा संबंधित सक्षम निदेशक/ सचिव/ अधिकारी के समक्ष पुन: प्रस्तुत की जाती है जिस पर संबंधित निदेशक/ सचिव/ अधिकारी द्वारा फाइल के गुणधर्म के आधार पर आवश्यक निर्णय लेकर उचित आदेश जारी किया जाता है/ कार्यवाही की जाती है । फाइल सम्बन्धित शाखा प्रभारी——————— सम्बन्धित सक्षम प्राधिकारी- आवश्यक निर्देश———————————————————————————————शाखा प्रभारी - नोटस/सार संक्षेप/तथ्य संकलन —————————सम्बन्धित सक्षम प्राधिकारी- आवश्यक निर्णय एवं आदेश ( ख ) फाइल के चेनल और हैण्डलिंग अधिकारी/ कर्मचारी प्रत्येक स्तर पर :- चूंकि कार्यालय में अधिक शाखाएं व स्टाफ की बहुतायत नहीं है अत: सीधे ही संबंधित निदेशक/ सचिव/ अधिकारी के मध्य ही फाइल गुजरती है और उसका निराकरण हो जाता है । सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्रस्तुत आवेदनों की निराकरण विधि में लोक सूचना अधिकारी/ सहायक लोक सूचना अधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदनों का निराकरण अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है, तथा अपील हेतु प्रस्तुत आवेदन अपीलीय अधिकारी द्वारा निराक्रत किये जाते हैं । ( ग ) निर्णय लेने का अधिकार :- प्रत्येक निर्णय लेने हेतु केवल संबंधित सक्षम निदेशक/ सचिव/ अधिकारी ही प्राधिकृत हैं तथा प्रत्येक दशा में अंतिम निर्णय महानिदेशक का ही प्राधिकृत व मान्य है । विवादों के अंतिम निपटान तथा नीतिगत निर्णयों का प्राधिकृत अधिकार केवल स्वामित्व/ संचालन/ प्रबंधन समिति को ही है । ( घ ) सुपरवाइजरी प्राधिकारी :- संबंधित शाखा प्रभारी ( ड ) जबाबदेही :- संबंधित शाखा प्रभारी एवं संबंधित सक्षम निदेशक/ सचिव/ अधिकारी
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